Connect with us

मुख्यमंत्री ने रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की युवाओं के कौशल विकास और अधिकतम स्वरोजगार अवसरों पर दिया जोर… 

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की युवाओं के कौशल विकास और अधिकतम स्वरोजगार अवसरों पर दिया जोर… 

देहरादून 29 जनवरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से आम जनता को योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाए, ताकि पात्र लोग समय पर इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर सृजित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का समय पर और पूरा लाभ मिलना चाहिए तथा आवंटित बजट का शत-प्रतिशत आउटकम सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त अनिवार्य रूप से उन्नति पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म रिलीज…

सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर समयबद्ध लक्ष्य हासिल किए जाएं। किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उनके देयकों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। हनी मिशन के तहत शहद उत्पादन को और प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया जाए तथा ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। बागवानी और मौन पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे राज्यों के अध्ययन के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम भेजने के निर्देश भी दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  धामी सरकार जनता के द्वार पर, 452 कैम्पों में 3,56,992 नागरिकों की सहभागिता

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिनमें से 18 कृषि से संबंधित हैं। इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के तहत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी और चीना को शामिल किया गया है। प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक गांवों के लगभग डेढ़ लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। इस वित्तीय वर्ष में 5 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों का क्रय किया जा चुका है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। आगामी वर्ष में 9 हजार लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किए गए हैं, जबकि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से एक हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन क्षेत्र में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

यह भी पढ़ें 👉  शीतकालीन पर्यटन को नई गति: बागेश्वर को प्रमुख टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की व्यापक कार्ययोजना

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, वी. षणमुगम, धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड
Advertisement

ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

To Top