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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगाड़ पुनर्वास, 15 दिनों में मलबा हटाने और पुनर्वास कार्य पूरा करने का लक्ष्य…

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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बना कार्लीगाड़ पुनर्वास, 15 दिनों में मलबा हटाने और पुनर्वास कार्य पूरा करने का लक्ष्य…

देहरादून, 05 जून। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सहस्त्रधारा स्थित आपदा प्रभावित कार्लीगाड़ क्षेत्र में राहत, पुनर्वास और संरक्षण कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और मलबा निष्पादन के लिए मशीनरी, मानव संसाधन और अन्य आवश्यक संसाधनों में व्यापक वृद्धि की है।

मुख्यमंत्री ने कार्लीगाड़ क्षेत्र के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को समन्वित ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराते हुए राहत, पुनर्वास और संरक्षण संबंधी सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करना है।

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जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के साथ कार्लीगाड़ का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास और मलबा हटाने के कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आपदा के कारण क्षेत्र में जमा भारी मात्रा में मलबे को हटाने के लिए आगामी 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। साथ ही भविष्य में संभावित नुकसान से बचाव के लिए मलबे का वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइजेशन करने और प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं स्थायी पुनर्वास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भविष्य में जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को कम किया जा सके।

राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए खनन विभाग ने दो अतिरिक्त पोकलेन और जेसीबी मशीनें तैनात की हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। वहीं सिंचाई विभाग ने नदी के चैनलाइजेशन कार्य के लिए दो अतिरिक्त पोकलेन मशीनें लगाई हैं। इससे मलबा हटाने और नदी प्रवाह को व्यवस्थित करने के कार्यों में उल्लेखनीय गति आई है।

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जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मशीनरी और मैनपावर बढ़ाकर कार्लीगाड़ क्षेत्र में मलबा निष्पादन, नदी चैनलाइजेशन और पुनर्वास कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके और क्षेत्र को भविष्य की आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

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